फ़ाएज़ अलमालेकी नाम के मशहूर कलाकार ने इस वीडियो क्लिप को रीट्वीट किया और लिखा कि इसे कहते हैं ख़ादेमुल हरमैन, इनकी बातें सुनिए।
सऊदी नरेश इस वीडियो में कह रहे हैं कि इंसान को एक दिन अपने पालनहार का सामना करना होगा, इंसान मिट्टी के नीचे चला जाएगा तो हमें इस दिन के लिए काम करना चाहिए। हमारा धर्म हमें शिक्षा देता है कि हम इस जीवन के बाद की दुनिया के बारे में विचार करें। उस दिन के बारे में सोचें जब हमारे पास कोई ताक़त नहीं रह जाएगी और कोई प्रभाव नहीं रह जाएगा।
तुर्की अलहमद नामक लेखक ने इस वीडियो को रीट्वीट करके लिखा कि क्या वास्तव में यह व्यक्ति किसी के ख़िलाफ़ कोई साज़िश कर सकता है?
वहीं यमन के एक यूज़र ने इस वीडियो को रिट्वीट करके अपनी टिप्पणी लिखी कि यमन में हमारा ग़रीब परिवार है, मेरे पिता काफ़ी बूढ़े हैं और मेरी मां को कैंसर है। हमारी मदद की जाए।
यमन की भयानक समस्या का कारण सऊदी अरब है जिसने चार साल से अधिक समय से इस देश पर युद्ध थोप रखा है। कुछ यूज़र्स ने लिखा कि सऊदी नरेश ढोंग कर रहे हैं क्या यह बात वह इंसान कह सकता है जो यमन में दिन रात मासूम बच्चों, महिलाओं और बूढ़ों तथा जवानों को मार रहा हो जिसने पूरे यमन देश को मानव त्रासदी की कगार पर पहुंचा दिया है।
कुछ यूज़र्स ने सऊदी अरब के भीतर सामाजिक कार्यकर्ताओं, राजनैतिक कार्यकर्ताओं और धर्मगुरुओं को दी जाने वाली मौत की सज़ाओं और जेलों में उन्हें दी जाने वाली यातनाओं को याद दिलाते हुए लिखा है कि इतने भयानक अपराध करने के बाद सऊदी नरेश यह किस तरह की बात कर रहे हैं? सऊदी सरकार तो देश के भीतर भी और इलाक़े की सतह पर भी बेहद भयानक अपराध कर रही है।
कुछ यूज़र्स का कहना है कि अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प बार बार सऊदी अरब और ख़ुद सऊदी नरेश का अपमान कर रहे हैं और सऊदी अरब इस स्थिति में नहीं है कि ट्रम्प को कोई जवाब दे क्योंकि कई अरब देशों में जारी जनक्रान्तियों को देखते हुए रियाज़ की तानाशाही सरकार अपना अस्तित्व ख़तरे में महसूस करती है जिसका अमरीका इस समय काफ़ी फ़ायदा उठा सकता है। मगर ट्रम्प के अपमानजनक बयानों पर सऊदी अरब के ख़ामोशी से रियाज़ सरकार की बेइज़्ज़ती हो रही है। इस स्थिति में सऊदी नरेश ने यह आध्यात्मिक बातें करके अलग प्रकार का वातावरण पैदा करने की कोशिश की है।